ऑपरेशंस की आपकी समझ को पहचान
सप्लाई चेन प्रोग्राम वही सिखाते हैं जो लॉजिस्टिक्स टीमें हर शिफ्ट में करती हैं: मांग का अनुमान, स्टॉक पर नियंत्रण, माल ढुलाई और समझदारी से खरीद। बहुत कम विषय रोज के काम से इतनी अच्छी तरह मेल खाते हैं।
लॉजिस्टिक्स अपने पीछे कागजों का साफ रिकॉर्ड भी छोड़ता है। KPI डैशबोर्ड, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर, टेंडर फाइलें और ऑडिट के नतीजे मूल्यांकनकर्ता को दिखाते हैं कि आप क्या जानते हैं, और वह भी ऐसे आंकड़ों में जिन्हें वे जांच सकते हैं।
आपके लिए खुली योग्यताएं
यूनाइटेड किंगडम
BSc (Hons) लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, सप्लाई चेन पाथवे वाली बिजनेस डिग्रियां, और अगर आपके पास HND या फाउंडेशन डिग्री है तो एक साल की टॉप-अप डिग्रियां देखें। पोस्टग्रेजुएट विकल्पों में MSc लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, MSc प्रोक्योरमेंट और ऑपरेशंस इलेक्टिव वाले MBA शामिल हैं।
अमेरिका
कॉलेज लॉजिस्टिक्स में एसोसिएट ऑफ अप्लाइड साइंस (AAS), सप्लाई चेन मैनेजमेंट या ऑपरेशंस मैनेजमेंट में BS, और लॉजिस्टिक्स कंसंट्रेशन वाली BBA डिग्रियां देते हैं। ग्रेजुएट स्तर पर आपको सप्लाई चेन मैनेजमेंट में MS और ऑपरेशंस में कंसंट्रेशन वाले MBA मिलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया
आम रास्ते हैं: लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में मेजर के साथ बैचलर ऑफ बिजनेस, सप्लाई चेन मैनेजमेंट में ग्रेजुएट सर्टिफिकेट, और मास्टर ऑफ सप्लाई चेन मैनेजमेंट या मास्टर ऑफ लॉजिस्टिक्स।
तीनों देशों में सीनियर लीडर ऑपरेशंस पर केंद्रित DBA या PhD के साथ और आगे बढ़ सकते हैं।
नौकरियां, जिनसे क्रेडिट लायक सीख मिलती है
- वेयरहाउसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन: वेयरहाउस मैनेजर, शिफ्ट सुपरवाइजर, इन्वेंटरी कंट्रोलर, डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर मैनेजर
- ट्रांसपोर्ट: ट्रांसपोर्ट प्लानर, फ्लीट मैनेजर, फ्रेट फॉरवर्डर, शिपिंग कोऑर्डिनेटर, कस्टम्स ब्रोकर
- खरीद (प्रोक्योरमेंट): बायर, परचेजिंग मैनेजर, कैटेगरी मैनेजर, कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफिसर
- प्लानिंग: डिमांड प्लानर, सप्लाई प्लानर, S&OP एनालिस्ट, ऑपरेशंस मैनेजर
- रक्षा: सेना के लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ, क्वार्टरमास्टर और मूवमेंट्स स्टाफ
मॉड्यूल, जिनसे आपका काम अक्सर मेल खाता है
इस विषय के पोर्टफोलियो में अक्सर ऐसे टॉपिक आते हैं:
- इन्वेंटरी और वेयरहाउस मैनेजमेंट, स्लॉटिंग से लेकर साइकिल काउंट तक
- ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन प्लानिंग
- खरीद, प्रोक्योरमेंट और सप्लायर रिलेशनशिप मैनेजमेंट
- डिमांड फोरकास्टिंग, और सेल्स एंड ऑपरेशंस प्लानिंग
- WMS, TMS और ERP जैसे लॉजिस्टिक्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम
- ऑपरेशंस में जोखिम, कंप्लायंस और स्वास्थ्य व सुरक्षा
पहले से CIPS, CILT या ASCM की योग्यता है? ऐसी सर्टिफिकेट वाली पढ़ाई अक्सर क्रेडिट का सबसे आसान रास्ता होती है, क्योंकि उसका मूल्यांकन पहले हो चुका होता है।
आवेदन से पहले क्या जुटाएं
मजबूत लॉजिस्टिक्स पोर्टफोलियो में छोटी-सी व्याख्या के साथ ठोस आंकड़े होते हैं:
- जॉब डिस्क्रिप्शन, जिनमें साइट, वॉल्यूम, फ्लीट का आकार या आपके जिम्मे का खर्च दिखे
- सुधार के नतीजे, जैसे बेहतर पिक एक्यूरेसी, कम फ्रेट लागत या छोटा लीड टाइम
- आपके लिखे दस्तावेज, जैसे प्रक्रियाएं, जोखिम आकलन या टेंडर मूल्यांकन
- ट्रेनिंग रिकॉर्ड, लाइसेंस और सर्टिफिकेट, जहां संभव हो कोर्स के घंटों के साथ
- आपके मैनेजर का रेफरेंस, जिसे हमारे रेफरेंस लेटर जनरेटर से जल्दी मांगा जा सकता है
मुफ्त तैयारी जांच से देखें कि आपके प्रमाण कितने तैयार हैं।
ग्रेजुएशन के बाद करियर
ग्रेजुएट सप्लाई चेन मैनेजर, हेड ऑफ लॉजिस्टिक्स, प्रोक्योरमेंट मैनेजर, ऑपरेशंस डायरेक्टर और सप्लाई चेन कंसल्टेंट जैसे पदों पर पहुंचते हैं। मास्टर डिग्री ग्लोबल सोर्सिंग, नेटवर्क डिजाइन या किसी क्षेत्रीय लीडरशिप पद की ओर कदम बढ़ाने में मदद कर सकती है। रिटेलर, निर्माता, अस्पताल, ऑनलाइन विक्रेता और सरकारें, सभी सप्लाई चेन के काबिल लोगों को अपनी ओर खींचने की होड़ में हैं।